सकल व्यापारी संघ का ‘‘मास्क नहीं तो, सामान नहीं’’ अभियान, सकल व्यापारी संघ द्वारा झाबुआ के व्यापारियों से यह की गई है अपील

Share it:

 सकल व्यापारी संघ का ‘‘मारक नहीें तो, सामान नहीं’’ अभियान, सकल व्यापारी संघ द्वारा झाबुआ के व्यापारियों से यह की गई है अपील 

झाबुआ। शहर में तेजी से बढ़ते कोरोना को प्रकोप को देखते हुए सकल व्यापारी संघ झाबुआ द्वारा जागरूकता की अनूठी पहल की जा रहीं है। जिसके तहत सकल व्यापारी संघ द्वारा ‘‘ मास्क नहीं तो सामान नहीं’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। व्यापारी संघ द्वारा शहर के समस्त व्यापारियों से अपील की गई कि आपकी दुकान पर कोई भी ग्राहक यदि मास्क पहनकर नहीं आता है, तो उन्हें मास्क आवष्यक रूप से पहनने के लिए प्रेरित करे। बाद नहीं मानने पर ऐसे ग्राहकों को सामान नहीं दिया जाए।

जानकारी देते हुए सकल व्यापारी संघ अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर एवं सचिव पंकज जैन ‘मोगरा’ ने बताया कि शहर में कोरोना एक बार तेजी से अपने पांव पसार रहा है। ऐसे में शहर के व्यापारियों को अपना व्यवसाय चलाने के साथ अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा के लिए भी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। इस हेतु शहर के सभी व्यापारी घरांे से बाहर निकलने और अपने प्रतिष्ठानों पर बैठते समय मास्क अनिवार्य रूप से पहने रखने के साथ दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को भी मास्क पहनने के लिए प्रेरित करे। संभव हो सके तो अपनी दुकानों के सोकेष पर दूरी के लिए कांच के ग्लास या प्लास्टिक भी लगवाए। वहीं सोषल डिस्टेनसिंग की दृष्टि से दुंकानों के आगे गोले भी जरूरी तौर पर बनाएं। दुकानांे के आगे ज्यादा भीड़ ना होने दे। प्रतिष्ठानों पर सेनेटाईजर रखकर स्वयं बार-बार सेनेटाईज होने के साथ आने वाले ग्राहकों के हाथ भी सेनेटाईज करवाएं।

आगामी दिनों मंे लगाए जाएंगे स्टीकर

अध्यक्ष श्री राठौर एवं सचिव श्री मोगरा ने बताया कि आगामी दिनांे मंे शहर की सभी दुकानों पर इस संबंध में स्टीकर भी लगाए जाएंगे। कोरोना के विरूद्ध जंग में सभी को जागरूक होकर अपनी समझदारी और जिम्मेदारी का आवष्यक रूप से परिचय देना है। स्वयं की जागरूकता, सुरक्षा और सावधानी के माध्यम से कोरोना को मात देकर झाबुआ शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है।


Share it:
Next
This is the most recent post.
Previous
पुरानी पोस्ट

Post A Comment:

  1. Very nice article with clear explanations. I especially liked the practical approach because it helps readers understand how the information can be useful in real situations. Dpboss Matka

    जवाब देंहटाएं