मोदी को अभी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का ऐलान मत करो मैंने नहीं कहा : शिवराज

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नई दिल्ली/भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सफाई दी है। कहा है कि वे नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के खिलाफ नहीं हैं। दूसरी तरफ, मोदी के नाम पर सहमति  बनाने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। Image
 
मीडिया में शिवराज के संबंध में खबरें आई थीं। इनमें बताया गया था कि उन्होंने रविवार को पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी। उन्होंने दोनों नेताओं से कहा था कि विधानसभा चुनाव तक मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित न किया जाए। इससे उनके मुस्लिम वोटर कांग्रेस के पक्ष में जा सकते हैं। राज्य की 30 सीटों पर मुस्लिमों का असर है। शिवराज ने शुक्रवार को थोड़े-थोड़े अंतराल पर दो ट्वीट किए।  
 
इनमें अपनी सफाई दी। हालांकि, उन्होंने माना कि वे रविवार को राजनाथ और भागवत से मिले थे। लेकिन इस मुलाकात में मोदी का विरोध नहीं किया ।                                                                                                           क्या आडवाणी से सीख ली है मोदी ने : दिग्विजय
 
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोदी को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, ‘जो प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते हैं वे बर्बाद हो जाते हैं। क्या उन्होंने यह सीख आडवाणी से ली है जो स्थायी रूप से ‘पीएम इन वेटिंग’ बन गए हैं।’ मोदी ने गुरुवार को कहा था कि वे प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखते।                                                                                                  मोदी पर बढ़ गया है विपक्ष का हमला : राजनाथ
राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा, ‘हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष लगातार हमले कर रहा है। ऐसे हमले तब से और बढ़ गए हैं जब से उन्हें पार्टी की चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख चुना गया है।’                          मोदी के लिए संघ प्रमुख ने दिल्ली में डाला डेरामैंने नहीं कहा- मोदी को अभी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का ऐलान मत करो : शिवराज
संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर सहमति बनाने में जुट गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली में लालकृष्ण आडवाणी के घर जाकर उनसे मुलाकात की। वे बुधवार को भी आडवाणी और सुषमा स्वराज से मिले थे। आडवाणी और सुषमा को मोदी विरोधी माना जाता है। बताया जा रहा है कि भागवत ने आडवाणी, सुषमा समेत मोदी विरोधी नेताओं को समझाने का जिम्मा लिया है। 
 
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